
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization – WHO) आधुनिक विश्व की सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वभर के लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य उपलब्ध कराना है। "स्वास्थ्य सबके लिए" (Health for All) इसका मूल सिद्धांत है। यह संगठन विश्व के लगभग सभी देशों के लिए स्वास्थ्य नीतियों, टीकाकरण अभियानों, रोग नियंत्रण, औषधि मानकों और स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों को तैयार करता है।
आज WHO के बिना वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली की कल्पना करना असंभव है। महामारी, संक्रामक रोग, पोषण, टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य, जलवायु और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर WHO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
WHO की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई। युद्ध के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और महामारी जैसी बीमारियों ने लाखों लोगों की जान ले ली। ऐसे में एक ऐसी वैश्विक संस्था की आवश्यकता महसूस हुई जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में समन्वय और सहयोग स्थापित करे।
संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की पहली विशेष एजेंसी के रूप में WHO की नींव 22 जुलाई 1946 को न्यूयॉर्क में रखी गई जब "विश्व स्वास्थ्य संगठन का संविधान" 61 देशों ने हस्ताक्षर किया। यह संविधान 7 अप्रैल 1948 को प्रभावी हुआ — और इसी दिन WHO की आधिकारिक स्थापना हुई।
हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) मनाया जाता है।
WHO का उद्देश्य केवल बीमारियों से मुक्ति नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है।
मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
WHO की प्रशासनिक संरचना तीन स्तरों पर कार्य करती है:
यह WHO का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। इसमें सभी सदस्य देश भाग लेते हैं। इसका मुख्य कार्य नीति निर्धारण, बजट अनुमोदन और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करना है।
यह 34 स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मिलकर बना होता है, जिन्हें तीन वर्षों के लिए चुना जाता है। यह सभा के निर्णयों को लागू करने का कार्य करता है।
इसका संचालन महानिदेशक करते हैं। सचिवालय में हजारों विशेषज्ञ, डॉक्टर, सांख्यिकीविद, और प्रशासनिक अधिकारी कार्यरत हैं।
WHO के 194 सदस्य देश हैं। इसका वित्तपोषण दो स्रोतों से होता है —
सबसे बड़ा योगदान अमेरिका, जापान, जर्मनी, भारत, चीन, और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों का होता है।
WHO ने विश्व को 6 क्षेत्रों में बाँटा है ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार स्वास्थ्य नीतियाँ बनाई जा सकें —
हर साल 7 अप्रैल को WHO की स्थापना दिवस पर "विश्व स्वास्थ्य दिवस" मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना होता है।
हर वर्ष एक नया थीम चुना जाता है जैसे —
WHO आपातकालीन स्थितियों में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली वैश्विक एजेंसी है। यह प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, दवाइयाँ और उपकरण भेजती है।
उदाहरण:
WHO का मानना है कि "मानसिक स्वास्थ्य" भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। इसने World Mental Health Day (10 अक्टूबर) की शुरुआत की।
यह डिप्रेशन, चिंता, आत्महत्या रोकथाम और मनोवैज्ञानिक सहायता पर नीतियाँ बनाता है।
WHO ने विश्वभर में Essential Medicines List (EML) जारी की है जिसमें आवश्यक दवाओं की सूची दी गई है। इसका उद्देश्य सभी देशों में दवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और सस्ती कीमत सुनिश्चित करना है।
WHO, संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जो UN के आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) को रिपोर्ट करती है। यह UNICEF, UNESCO, FAO और ILO जैसी अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है।
1️⃣ ब्रॉक चिशोल्म (1948–1953) – कनाडा के ब्रॉक चिशोल्म WHO के पहले महानिदेशक थे। उन्होंने विश्वभर में स्वास्थ्य के अधिकार को मानवाधिकार का हिस्सा मानने की पहल की।
2️⃣ मार्सेलिनो कैंडी (1953–1973) – ब्राज़ील के मार्सेलिनो कैंडी ने 20 वर्षों तक WHO का नेतृत्व किया और टीकाकरण तथा मलेरिया उन्मूलन अभियान को गति दी।
3️⃣ हाफडन महलर (1973–1988) – डेनमार्क के हाफडन महलर ने “Health for All by 2000” का नारा दिया और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (Primary Health Care) को विश्व नीति का केंद्र बनाया।
4️⃣ ग्रो हार्लेम ब्रुंटलैंड (1998–2003) – नॉर्वे की ग्रो हार्लेम ब्रुंटलैंड ने पर्यावरण और स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर ध्यान दिया तथा सतत विकास (Sustainable Development) की अवधारणा को बढ़ावा दिया।
5️⃣ मार्गरेट चान (2006–2017) – चीन की मार्गरेट चान ने बर्ड फ्लू (H5N1), इबोला और ज़ीका वायरस जैसी आपदाओं से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
6️⃣ टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस (2017–वर्तमान) – इथियोपिया के टेड्रोस अधानोम वर्तमान महानिदेशक हैं। उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान वैश्विक नेतृत्व किया और “Health for Peace” पहल की शुरुआत की।
2020 की COVID-19 महामारी में WHO ने विश्व को एकजुट करने की दिशा में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य कार्य:
भारत WHO का संस्थापक सदस्य है और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय (SEARO) का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
WHO ने भारत में निम्न कार्य किए हैं —
विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ है। इसके प्रयासों से दुनिया ने चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों पर विजय पाई है।
भविष्य में भी WHO की भूमिका और ज़िम्मेदारी बढ़ती जाएगी — क्योंकि वैश्विक स्वास्थ्य अब सीमाओं से परे एक साझा जिम्मेदारी बन चुका है।
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